'चाय की दुकान में फं/दे से लटका मिला श/व...' निठारी कांड में बरी हुए सुरेंद्र कोली ने हरिद्वार में दी जान, फैली सनसनी

punjabkesari.in Friday, Sep 18, 2026 - 02:08 PM (IST)

Haridwar News: 2006 के निठारी हत्याकांड से जुड़े सभी आपराधिक मामलों में बरी हुए सुरेंद्र कोली की हरिद्वार में कथित तौर पर आत्महत्या से मौत हो गई है। गुरुवार को शहर के उत्तरी हिस्से में सप्त सरोवर रोड पर लाल माता मंदिर के सामने एक चाय की दुकान पर कोली का शव फंदे से लटका मिला। पुलिस उसकी मौत के कारणों की जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार, कोली पिछले कुछ महीनों से हरिद्वार में रह रहा था और सड़क किनारे चाय की दुकान चलाता था। वह मूल रूप से उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के भिकियासेन इलाके के मंगरुखला गांव का रहने वाला था। पुलिस ने उसके परिवार को मौत की सूचना दे दी है।

सिटी कोतवाल कुंदन सिंह राणा ने बताया कि कोली निठारी मामले में आरोपी था। पुलिस ने कहा कि घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है और जांचकर्ता सभी संभावित पहलुओं से मामले की जांच कर रहे हैं। मौत के सटीक कारण और परिस्थितियों समेत अन्य विवरण का इंतजार है। कोली की मौत सुप्रीम कोर्ट द्वारा निठारी मामलों में उनके खिलाफ आपराधिक कार्यवाही खत्म करने के एक साल से भी कम समय बाद हुई है। 11 नवंबर, 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने उनकी क्यूरेटिव याचिका को स्वीकार कर लिया और हत्याओं से जुड़े आखिरी लंबित मामले में उनकी दोषसिद्धि को रद्द कर दिया। तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि कोली को पहले ही 12 अन्य मामलों में बरी किया जा चुका है और उन्हें तुरंत रिहा करने का आदेश दिया, बशर्ते किसी अन्य मामले में उनकी जरूरत न हो।

निठारी हत्याकांड का खुलासा दिसंबर 2006 में हुआ था, जब नोएडा के निठारी में व्यवसायी मोनिंदर सिंह पंढेर के घर के पीछे एक नाले से बच्चों के कंकाल मिले थे। इस मामले ने व्यापक जन आक्रोश पैदा किया और कोली तथा पंढेर के बीच लंबी कानूनी लड़ाई चली। कोली को शुरू में हत्याओं से जुड़े कई मामलों में दोषी ठहराया गया था। हालांकि, बाद में अदालतों ने उन्हें कई मामलों में बरी कर दिया। आखिरी लंबित मामले में सुप्रीम कोर्ट के नवंबर 2025 के आदेश ने निठारी हत्याकांड के संबंध में उनके खिलाफ आपराधिक कार्यवाही को प्रभावी ढंग से समाप्त कर दिया।हरिद्वार में कोली की मौत की परिस्थितियों की अब जांच की जा रही है। उम्मीद है कि पुलिस जांच और पोस्टमार्टम के जरिए घटनाओं के क्रम का पता लगाएगी और मौत से जुड़ी परिस्थितियों का निर्धारण करेगी।


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Content Editor

Anil Kapoor

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