4 से 11 दिसंबर तक देहरादून के इन इलाकों विशेष सेवा शिविर लगेंगे, जानें किसे मिलेगा इसका लाभ
punjabkesari.in Friday, Nov 28, 2025 - 03:56 PM (IST)
देहरादूनः उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में जिला प्रशासन देहरादून द्वारा समाज कल्याण विभाग के तत्वावधान में दिव्यांग और वृद्धजनों को दैनिक जीवन में उपयोगी सहायक उपकरण उपलब्ध कराने एवं आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से चार से 11 दिसंबर तक विभिन्न स्थानों पर वृहद शिविर लगाए जाएंगे। जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
जानकारी के मुताबिक शिविरों में पात्र लाभार्थियों का पंजीकरण किया जाएगा। साथ ही चिकित्सा जांच के आधार पर उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप व्हीलचेयर, वॉकर, बैसाखी, श्रवण यंत्र, ट्राईसाइकिल सहित कई प्रकार के सहायक उपकरणों की पहचान की जाएगी। चिह्नीकरण के पश्चात पात्र लाभार्थियों को नि:शुल्क सहायक उपकरण बांटे जाएंगे। उन्होंने बताया कि सबसे पहले चार दिसंबर को रायपुर ब्लॉक सभागार से शिविर की शुरुआत की जाएगी। उसके बाद पांच दिसंबर को सहसपुर ब्लाक सभागार, छह दिसंबर को विकास नगर के पंचायत भवन सभावाला, सात दिसंबर को डोईवाला के मिलन केंद्र दुधली, नौ दिसंबर को नगर निगम ऋषिकेश सभागार, 10 दिसंबर को मसूरी नगर पालिका सभागार और 11 दिसंबर को सहिया (कालसी) के सरदार महिपाल राजेंद्र जनजातीय पीजी कॉलेज में शिविर लगाया जाएगा।
इन शिविर में आवेदकों को राष्ट्रीय वयोश्री योजना के अंतर्गत वृद्धजन एवं एडिप योजना के अंतर्गत दिव्यांगजनों का परीक्षण होगा। जिसके लिए दिव्यांगजनों को सर्वप्रथम यूडीआईडी कार्ड की कॉपी और ग्राम प्रधान, सभासद एवं पार्षद द्वारा 22500 की मासिक आय प्रमाण पत्र लेकर आना होगा। वहीं, दूसरी ओर वृद्धजनों को आधार कार्ड की कॉपी और प्रधान से 15,000 हज़ार की मासिक आय का प्रमाण पत्र लेकर आना होगा। इसके बाद उनका पंजीकरण आसानी से हो पाएगा।
समाज कल्याण अधिकारी ने बताया कि केंद्र सरकार की एडिप योजना के अंतर्गत दिव्यांगजनों और राष्ट्रीय वयोश्री योजना के 60 से अधिक वृद्धजनों को शिविर के माध्यम से पंजीकरण किया जाएगा। उसके बाद उन्हें निशुल्क सहायक उपकरण प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि देहरादून जनपद में सात कैंप लगने हैं। जिसमें प्रत्येक ब्लाक और नगर पालिका क्षेत्र शामिल है। उन्होंने बताया कि इन शिविर के माध्यम से जनपद के वृद्धजनों एवं दिव्यांगजनों को आसानी से पंजीकृत किया जाएगा।
