दोस्त ही निकला कातिल: युवक के सिर पर पत्थर से कई वार, बेरहमी से हत्या; पुलिस ने ऐसे गुत्थी सुलझाई
punjabkesari.in Wednesday, Feb 11, 2026 - 05:07 PM (IST)
हरिद्वारः उत्तराखंड में हरिद्वार के थाना कनखल क्षेत्र में झाड़ियों में मिले युवक के शव के मामले में पुलिस ने बुधवार को सनसनीखेज खुलासा करते हुए मृतक के दोस्त को हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) हरिद्वार के नेतृत्व में गठित विशेष टीमों ने सघन जांच और सीसीटीवी विश्लेषण के आधार पर वारदात की गुत्थी सुलझाई।
उल्लेखनीय है कि सात फरवरी को श्रीयंत्र पुलिया के समीप झाड़ियों में एक युवक का लहूलुहान शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव की शिनाख्त कुनाल पुत्र रोहिताश, निवासी रामपुर रायघाटी थाना लक्सर (हाल निवासी लाटोवाली, कनखल) के रूप में की। मृतक के सिर पर गंभीर चोट के निशान पाए गए, जिससे हत्या की आशंका प्रबल हुई। मृतक के पिता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच प्रारंभ की। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पांच टीमों का गठन किया गया। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली।
जांच के दौरान मृतक को एक शराब के ठेके से शराब खरीदते हुए एक स्कूटी सवार युवक के साथ जाते देखा गया। संदिग्ध की पहचान अरविंद उर्फ शिवम पुत्र संदीप शर्मा, निवासी गोवर्धन, मथुरा (उ.प्र.), हाल निवासी लाटोवाली, कनखल के रूप में हुई। घटना के बाद से फरार चल रहे आरोपी को पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मथुरा से गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि छह फरवरी की रात वह और कुनाल साथ बैठकर शराब पी रहे थे। नशे की हालत में कुनाल द्वारा आरोपी की बहनों पर अभद्र टिप्पणी करने और विवाद के दौरान थप्पड़ मारने से झगड़ा बढ़ गया। गुस्से में आकर आरोपी ने पास पड़े भारी पत्थर से कुनाल के सिर पर वार कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मृत्यु हो गई।
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर मृतक का मोबाइल फोन बरामद किया है। मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई जारी है। इस पूरे घटनाक्रम के अनावरण में थाना कनखल पुलिस, सर्विलांस (सीआईयू) टीम तथा नगर/रानीपुर पुलिस की संयुक्त टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, तकनीकी साक्ष्यों और त्वरित समन्वय के चलते ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी अल्प समय में सुलझाई जा सकी।
