देहरादून में रह रही बांग्लादेशी महिला गिरफ्तार... कई नाम बदलकर रही, फर्जी दस्तावेज बरामद
punjabkesari.in Friday, Jan 09, 2026 - 01:45 PM (IST)
देहरादूनः देहरादून के पटेलनगर क्षेत्र में अलग-अलग नामों से फर्जी दस्तावेज बनाकर अवैध रूप से भारत में रह रही एक बांग्लादेशी महिला को पुलिस ने बृहस्पतिवार को गिरफ्तार कर लिया। देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अजय सिंह ने यहां बताया कि आरोपी सुबेदा बेगम (40) कोविड के दौरान अवैध रूप से सीमा पार कर पश्चिम बंगाल आई थी जहां एक भारतीय नागरिक से शादी करने के बाद दो साल पहले वह देहरादून आ गई और फर्जी दस्तावेज बनवा लिए।
मुखबिर की सूचना पर, पुलिस ने पटेल नगर क्षेत्र की लोक संस्कृति कॉलोनी में रहने वाली बेगम को हिरासत में लिया। जिससे पूछताछ में स्वीकार किया कि वह बांग्लादेश की नागरिक है और भारत में उसने सुबेदा बीबी, मोनी तथा प्रिया राय नाम से फर्जी दस्तावेज बनवा लिए। पुलिस को उसके कब्जे से सुबेदा बीबी तथा मोनी नाम के फर्जी जन्म प्रमाण पत्र, सुबेदा बीबी, मोनी तथा प्रिया राय के नाम के मतदाता पहचान पत्र, सुबेदा बीबी के नाम से आधार कार्ड, पैन कार्ड तथा अन्य फर्जी भारतीय दस्तावेज व सुबेदा बेगम के नाम से एक बांग्लादेशी पहचान पत्र प्राप्त हुआ। उन्होंने बताया कि अलग-अलग नाम से फर्जी दस्तावेज बनाने तथा अवैध रूप से भारत में निवास करने के आरोप में महिला पर भारतीय न्याय संहिता, पासपोर्ट अधिनियम तथा विदेशी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।
पूछताछ में सुबेदा बेगम ने बताया कि वह चार साल पहले अवैध रूप से सीमा पार कर भारत आई थी और यहां रहने के लिए उसने 2022 में पश्चिम बंगाल निवासी कौसर शाह से शादी की थी। उसने बताया कि दो वर्ष पूर्व वह अपने पति के साथ देहरादून आ गई। जहां उसने अपने पति की मदद से हरिद्वार जिले के रुड़की व देहरादून से अलग-अलग नाम से फर्जी भारतीय दस्तावेज बनवा लिए। देहरादून में वह अलग-अलग स्थानों पर किराए के मकान में रहकर घरेलू सहायिका के तौर पर कार्य कर रही थी तथा उसका पति कौसर शाह वर्तमान में दुबई में कार्य कर रहा है।
एसएसपी ने बताया कि फर्जी दस्तावेज बनाने में आरोपी महिला की मदद करने वाले व्यक्तियों के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है और उनके विरूद्ध भी कार्रवाई की जाएगी । इससे पहले देहरादून जिले में ही 19 बांग्लादेशी नागरिक पकड़े जा चुके हैं। इनमें से नौ बांग्लादेशी नागरिकों को फर्जी दस्तावेज बनाकर अवैध रूप से रहने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। जबकि 10 अन्य को उनके देश निर्वासित कर दिया गया है।
