उत्तराखंड में 4 दिन भारी बारिश की चेतावनी, इन जिलों में बरसेगी आफत; IMD ने जारी किया रेड अलर्ट
punjabkesari.in Sunday, Jul 19, 2026 - 10:29 AM (IST)
Uttarakhand Heavy Rain Alert: उत्तराखंड के देहरादून स्थित भारत मौसम विज्ञान विभाग ने शनिवार को राज्य के विभिन्न जनपदों में आगामी दिनों के दौरान भारी से अत्यधिक भारी वर्षा, आकाशीय बिजली एवं तेज वर्षा की चेतावनी जारी की। इसके बाद राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र जारी कर आवश्यक एहतियाती एवं निवारक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
पत्र में 22 जुलाई तक जारी मौसम चेतावनी के अनुरूप जनपद स्तर पर सतकर्ता बढ़ाने, संवेदनशील क्षेत्रों की निरंतर निगरानी रखने तथा राहत एवं बचाव दलों को पूर्ण रूप से तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। चेतावनी के अनुसार, 19 जुलाई को मौसम विभाग ने नैनीताल, चंपावत एवं ऊधमसिंह नगर जनपदों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है, जहां कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी वर्षा होने की संभावना है। वहीं देहरादून, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार एवं बागेश्वर में भारी से बहुत भारी वर्षा तथा आकाशीय बिजली के साथ अत्यंत तीव्र वर्षा की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, अल्मोड़ा एवं पिथौरागढ़ जनपदों में भारी वर्षा की संभावना के मद्देनजर येलो अलर्ट घोषित किया गया है।
इसी तरह 20 जुलाई को देहरादून, हरिद्वार एवं टिहरी जनपदों के कुछ क्षेत्रों के लिए संबंधित रेड अलर्ट जारी किया गया है, जहां भारी से बहुत भारी वर्षा के साथ कहीं-कहीं अत्यंत भारी वर्षा होने की संभावना है। जबकि देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल, टिहरी, उत्तरकाशी एवं पौड़ी के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 21 जुलाई को देहरादून एवं बागेश्वर जनपद में भारी से बहुत भारी वर्षा तथा आकाशीय बिजली के साथ अत्यंत तीव्र वर्षा की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। जबकि टिहरी, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, नैनीताल, चमोली एवं पिथौरागढ़ जनपदों में भारी वर्षा की संभावना के कारण येलो अलर्ट प्रभावी रहेगा।
22 जुलाई को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर एवं पिथौरागढ़ जनपदों में भारी वर्षा की संभावना के द्दष्टिगत येलो अलर्ट जारी किया गया है। इसके साथ ही राज्य के अधिकांश हिस्सों में गरज-चमक, आकाशीय बिजली एवं तेज वर्षा का दौर जारी रहने की संभावना जताई गई है। सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए सभी जिलाधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखने, जिला आपदा परिचालन केंद्रों को 24 गुणा 7 सक्रिय रखने, राहत एवं बचाव दलों को तैयार रखने तथा भूस्खलन संभावित मार्गों पर आवश्यक मशीनरी एवं संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारियों ने प्रदेशवासियों, चारधाम यात्रियों एवं पर्यटकों से अपील की कि मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों को गंभीरता से लें तथा अनावश्यक यात्रा से बचें। यात्रा पर निकलने से पहले मौसम एवं सड़क की स्थिति की जानकारी अवश्य प्राप्त करें। भारी वर्षा के दौरान नदी-नालों, गदेरों एवं जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें तथा भूस्खलन संभावित स्थानों पर विशेष सावधानी बरतें। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल स्थानीय प्रशासन अथवा आपदा नियंत्रण कक्ष को सूचित करें तथा सहायता के लिए 112, 1070 एवं 1077 पर संपर्क करें।
