उत्तराखंड में आफत की बारिश: पिथौरागढ़ में 20 मार्ग पूरी तरह बाधित, 12वीं तक के सभी स्कूल बंद

punjabkesari.in Friday, Jul 17, 2026 - 02:20 PM (IST)

पिथौरागढ़: उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन के कारण जनजीवन प्रभावित हो गया है। सीमा सड़क संगठन (BRO), लोक निर्माण विभाग (PWD) और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) की कुल 20 सड़कें बंद हैं। इनमें बीआरओ की महत्वपूर्ण धारचूला-तवाघाट मोटर मार्ग भी शामिल है। 

मलबा और बोल्डर आने से यातायात बाधित 

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बंद सड़कों में घाट-मुनस्यारी, उपरैतोली-थल, सातशिलिंग-थल, थल-पांगू, जौलजीबी-बलुवाकोट, बलुवाकोट-जुम्मा, कालीका-दुग्ती, बंगापानी-जौलजीबी, घटखोला-सेरा, छोरपानी-नागलिंग सहित कई ग्रामीण संपर्क मार्ग शामिल हैं। मलबा और बोल्डर आने से यातायात पूरी तरह बाधित हो गया है। बताया जा रहा है कि जेसीबी और अन्य मशीनों की मदद से सड़कों को खोलने का कार्य शुरू कर दिया गया है। बंद सड़कों को 17 से 25 जुलाई के बीच चरणबद्ध तरीके से खोलने का लक्ष्य रखा गया है। 

12 वीं तक के सभी स्कूल बंद 

इस बीच जिले में शुक्रवार सुबह 8 बजे तक हुई वर्षा ने कई क्षेत्रों में रिकॉर्ड स्तर छू लिया। थल में सर्वाधिक 199 मिमी वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा तेजम में 130 मिमी, बंगापानी में 110 मिमी, डीडीहाट में 84 मिमी, धारचूला में 54.2 मिमी, बेरीनाग में 50 मिमी, देवलथल में 41 मिमी, कनालीछीना में 36.4 मिमी, गणई गंगोली में 20.5 मिमी, गंगोलीहाट में 18 मिमी, मुनस्यारी में 12.6 मिमी तथा पिथौरागढ़ मुख्यालय में 11.6 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। भारी बारिश को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से आज सुबह कक्षा 12 तक के सभी सरकारी और निजी स्कूलों को बंद करने का निर्णय दे दिया था। दूसरी ओर चम्पावत जिले में राहत की स्थिति बनी हुई है। 

21 जुलाई तक जारी रहेगा बारिश का दौर 

जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र की शुक्रवार सुबह 8 बजे जारी रिपोर्ट के अनुसार जिले की सभी 462 सड़कें यातायात के लिए पूरी तरह खुली हुई हैं। किसी भी राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य मार्ग, जिला मार्ग अथवा ग्रामीण सड़क पर अवरोध की सूचना नहीं है। जिले में बिजली और पेयजल की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है। पिछले 24 घंटे में जिला मुख्यालय चम्पावत में 6 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जबकि लोहाघाट, पाटी, टनकपुर और बनबसा क्षेत्र में बहुत कम या नगण्य वर्षा हुई। शुक्रवार सुबह 8 बजे बनबसा स्थित शारदा बैराज पर नदी का जलस्तर 218.80 मीटर और डिस्चार्ज 23,917 क्यूसेक दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से नीचे है। मौसम विभाग ने 17 जुलाई को कुमाऊं मंडल समेत राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई है। 18 से 21 जुलाई तक भी प्रदेश में अधिकांश स्थानों पर इसी तरह का मौसम बने रहने का पूर्वानुमान है। 


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Content Writer

Ramanjot

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