उत्तराखंडः 16 और 17 जनवरी को स्कूलों में छुट्टी घोषित, जानिए क्या है पीछे की वजह
punjabkesari.in Thursday, Jan 15, 2026 - 04:50 PM (IST)
हल्द्वानी: जनपद नैनीताल में से इस समय बड़ी खबर सामने आ रही है। जहां कक्षा 1 से 12वीं तक के सभी स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई है। इसी के साथ ही आंगनबाड़ी केंद्र भी बंद रहेंगे। डीएम नैनीताल ने यह आदेश जारी किया है। जारी आदेश के मुताबिक जनपद में गुलदार की सक्रियता को देखते हुए सभी आंगनबाड़ी केंद्र और स्कूल 17 जनवरी तक बंद रहेंगे।

डीएम नैनीताल ने जिले के धारी ओखलकांडा और रामगढ़ इलाकों में गुलदार की मूवमेंट को देखते हुए 15 जनवरी से लेकर 17 जनवरी तक सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद रखने के निर्देश दिए हैं। डीएम नैनीताल द्वारा जो आदेश जारी किया गया है उसमें कहा गया है कि स्कूल आते जाते समय बच्चों की सुरक्षा को खतरा उत्पन्न हो सकता है। इसलिए गुलदार की सक्रियता को देखते हुए सभी आंगनबाड़ी केंद्र और स्कूल 17 जनवरी तक बंद रहेंगे, दूसरी तरफ वन्यजीव की सक्रियता को देखते हुए DM ने तहसीलदार एवं रामगढ़ के क्षेत्रों के दुग्ध संग्रह केन्द्रों पर दूध पहुंचाने का समय प्रातः 6 से 7 बजे के स्थान पर प्रातः 7 से 8 बजे निर्धारित किया है।
कुमाऊं कमिश्नर ने पर्वतीय क्षेत्रों में आदमखोर वन्यजीव की सक्रियता के दृष्टिगत ग्रामीणों द्वारा दूध, दुग्ध संग्रह केन्द्रों तक पहुंचाने के दौरान जान-माल की सुरक्षा को गंभीरता से लेते हुए महाप्रबंधक दुग्ध संघ लालकुआं को निर्देश दिए है। उन्होंने महाप्रबन्धक दुग्ध संघ को इस परिवर्तन की सूचना सभी सम्बन्धित दुग्ध समितियों, संग्रह केन्द्रों प्रभारियों तथा दुग्ध उत्पादकों को लिखित एवं मौखिक के माध्यम से तत्काल अनिवार्य रूप से प्राथमिकता के साथ उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें, साथ ही स्थानीय प्रशासन, वन विभाग एवं दुग्ध समितियों के मध्य समन्वय स्थापित करते हुए अतिरिक्त सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिये हैं।
उन्होंने महाप्रबन्धक दुग्ध संघ लालकुआं को निर्देश दिये हैं कि यह व्यवस्था आगामी आदेशों तक प्रभावी रहेगी साथ ही उक्त निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन कराना भी सुनिश्चित करेंगे। कुमाऊं कमिश्नर ने अधिकारी को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि ग्रामीणों को साथ में लेकर फॉरेस्ट डिपार्मेंट उचित कदम उठाए और ग्रामीणों को इस बात के लिए जागरूक करें कि कोई भी ग्रामीण जंगल में अकेले या शाम के समय बिल्कुल ना जाए, पहाड़ी क्षेत्र में गुलदार की सक्रियता को देखते हुए झाड़ियों के कटान का कार्य भी किया जा रहा है।
