एक साल से लंबित केस पर उत्तराखंड हाईकोर्ट सख्त, चुनाव याचिका पर 6 महीने में फैसला देने का निर्देश

punjabkesari.in Saturday, May 02, 2026 - 11:48 AM (IST)

नैनीताल: उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने देहरादून के जिला न्यायाधीश को निर्देश दिए कि देहरादून में दायर चुनाव याचिका पर छह महीने के भीतर अंतिम निर्णय जारी करें। न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की एकल पीठ ने ये निर्देश आशीष खत्री द्वारा दायर याचिका की सुनवाई करते हुए जारी किए। यह आदेश 22 अप्रैल को जारी किया गया था, लेकिन इसकी प्रति शुक्रवार को उपलब्ध हुई। 

याचिकाकर्ता की ओर से उच्च न्यायालय से देहरादून नगर निगम के एक मौजूदा सदस्य के खिलाफ एक साल से लंबित चुनाव याचिका का शीघ्र निपटारा करने की मांग की गई थी। भारत के संविधान के अनुच्छेद 227 के तहत दायर इस रिट याचिका में देहरादून के वार्ड नंबर 98 (बालावाला) से संबंधित चुनाव याचिका की सुनवाई में हो रही देरी को उजागर किया गया था। 

याचिकाकर्ता के वकील अभिजय नेगी ने बताया कि आशीष खत्री, जिन्होंने 23 जनवरी 2025 को हुए नगर निगम चुनाव लड़ा था, ने प्रशांत खरोरा की जीत को चुनौती दी है। याचिका के अनुसार श्री खत्री को 2,811 वोट मिले थे और वे खरोरा से महज 26 वोटों के मामूली अंतर से हार गए थे। याचिका में चुनावी कदाचार और आपराधिक पृष्ठभूमि से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी छिपाने का आरोप लगाया गया है। इसमें दावा किया गया है कि खरोरा के नामांकन पत्र पर 28 दिसंबर 2024 की तारीख़ का नोटरी सत्यापन था, जबकि दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर 29 दिसंबर को किए गए थे और उसी दिन जमा किया गया था।

याचिकाकर्ता ने आगे आरोप लगाया है कि खरोरा ने अपने नामांकन हलफनामे में कई लंबित और निस्तारित आपराधिक मामलों का खुलासा नहीं किया। याचिका में 2026 में दायर एक पुनरीक्षण याचिका का भी जिक्र किया गया है, जिसमें कथित तौर पर धोखाधड़ी से संपत्ति हस्तांतरण का मामला शामिल है। नेगी ने बताया कि उन्होंने अदालत के समक्ष यह तर्क दिया कि फरवरी 2025 में चुनाव याचिका संख्या 01/2025 दायर किए जाने के बावजूद, देहरादून के जिला जज के समक्ष इसकी कार्यवाही अभी भी प्रारंभिक चरण में ही अटकी हुई है। 


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

Ramanjot

Related News