"केदारनाथ से कन्याकुमारी तक घुसपैठियों को किया जाएगा बाहर", हरिद्वार में गरजे अमित शाह
punjabkesari.in Saturday, Mar 07, 2026 - 05:41 PM (IST)
हरिद्वारः उत्तराखंड के हरिद्वार में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार को यहां बैरागी कैंप में आयोजित ‘जन-जन की सरकार, चार साल बेमिसाल'कार्यक्रम में विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार केदारनाथ से कन्याकुमारी तक एक-एक घुसपैठिये को देश से बाहर करने के लिए संकल्पबद्ध होकर कार्य कर रही है।
शाह ने अपने संबोधन की शुरुआत उत्तराखंड राज्य आंदोलन के संदर्भ से करते हुए कहा कि राज्य निर्माण के लिए उत्तराखंड के युवाओं को अपनी पहचान, संस्कृति और अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करना पड़ा। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार बनने के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने उत्तराखंड के साथ झारखंड और छत्तीसगढ़ जैसे नए राज्यों के गठन का ऐतिहासिक निर्णय लिया, जो आज तेजी से विकास के पथ पर आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि 2017 से अब तक का समय उत्तराखंड के विकास को समर्पित रहा है और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य की समस्याओं को चुन-चुन कर समाप्त करने का कार्य किया है। इससे उत्तराखंड दोगुनी रफ्तार से विकास के मार्ग पर आगे बढ़ रहा है।
गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में अंग्रेजों के समय के पुराने कानूनों को बदलकर नई न्याय संहिता लागू की जा रही है। इसके पूरी तरह लागू होने के बाद एफआईआर दर्ज होने से लेकर उच्चतम न्यायालय तक फैसला आने में अधिकतम तीन वर्ष का समय लगेगा। उन्होंने नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के तहत भारत की नागरिकता प्राप्त करने वाले शरणार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आए हिंदू, सिक्ख, बौद्ध और जैन शरणार्थियों को भारत में सम्मानपूर्वक नागरिकता दी जा रही है।
शाह ने उत्तराखंड में लागू नकल विरोधी कानून की सराहना करते हुए कहा कि अब राज्य में बिना पर्चा और बिना खर्चा के युवाओं को सरकारी नौकरियां मिल रही हैं। उन्होंने हाल ही में उत्तराखंड पुलिस में नियुक्ति पाने वाले 1900 युवाओं को भी बधाई दी। गृह मंत्री ने कहा कि 2027 में हरिद्वार में आयोजित होने वाला कुंभ मेला नए रिकॉर्ड स्थापित करेगा। साथ ही केंद्र सरकार की वाइब्रेंट विलेज योजना सीमांत गांवों के विकास और पलायन रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
उन्होंने कहा कि 2004 से 2014 के बीच उत्तराखंड को केंद्र से लगभग 54 हजार करोड़ रुपये मिले थे, जबकि इसके बाद राज्य को एक लाख 87 हजार करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता प्राप्त हुई है। इसके साथ ही ऑल वेदर रोड, दिल्ली-देहरादून आर्थिक कॉरिडोर सहित कई बड़ी परियोजनाओं पर कार्य जारी है। श्री शाह ने कहा कि 2014 में उत्तराखंड की प्रति व्यक्ति आय करीब 1.25 लाख रुपये थी, जो अब बढ़कर लगभग 2.60 लाख रुपये हो चुकी है और राज्य की अर्थव्यवस्था भी तेजी से मजबूत हो रही है।
