भारी बारिश का कहर: गंगा सहित सभी प्रमुख नदियां उफान पर, 100 से अधिक सड़कें बंद

punjabkesari.in Thursday, Jul 30, 2026 - 11:02 AM (IST)

Uttarakhand Weather: उत्तराखंड में बुधवार को अधिकांश क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण गंगा सहित सभी प्रमुख नदियां उफान पर रहीं। कई स्थानों पर नदियों का जलस्तर चेतावनी स्तर को पार कर गया या उसके करीब पहुंच गया। 

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार, खराब मौसम के चलते चारधाम यात्रा स्थगित रही, जबकि विभिन्न क्षेत्रों में भूस्खलन के कारण प्रदेश की 100 से अधिक सड़कें यातायात के लिए बंद रहीं। केंद्र के अनुसार, प्रदेश में भूस्खलन के कारण कुल 109 सड़कें अवरुद्ध हैं, जिन्हें खोलने का प्रयास किया जा रहा है। त्यूनी-मसूरी-मलेथा राष्ट्रीय राजमार्ग नागथात के पास भूस्खलन के कारण बंद है। इसके अलावा, जानकीचट्टी-यमुनोत्री पैदल मार्ग पर राम मंदिर के पास नदी का जलस्तर बढ़ने से मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया है। वहां आवागमन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। 

हरिद्वार में गंगा नदी का जलस्तर 292.90 मीटर दर्ज किया गया, जो चेतावनी स्तर से मात्र 0.10 मीटर और खतरे के निशान से 1.10 मीटर नीचे है। रुद्रप्रयाग में अलकनंदा और मंदाकिनी नदियां चेतावनी स्तर को पार कर गई हैं। अलकनंदा 626 मीटर के चेतावनी स्तर के मुकाबले 626.18 मीटर पर बह रही है, जबकि मंदाकिनी 625 मीटर के चेतावनी स्तर से आधा मीटर से अधिक ऊपर बह रही है। पिथौरागढ़ जिले में काली नदी का जलस्तर 888.90 मीटर दर्ज किया गया, जो 889 मीटर के चेतावनी स्तर से केवल 0.10 मीटर नीचे है।

अधिकारियों ने नदियों के उफान को देखते हुए लोगों से नदी किनारों से दूर रहने और तटीय क्षेत्रों में रहने वालों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। इस बीच, लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण चारधाम यात्रा स्थगित रही। प्रशासन ने पहले ही 28 और 29 जुलाई के लिए यात्रा पर रोक लगा दी थी। मौसम विभाग ने गुरुवार के लिए बागेश्वर, नैनीताल, चंपावत और पिथौरागढ़ जिलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी करते हुए 'ऑरेंज अलर्ट' घोषित किया है। अधिकारियों ने बताया कि अलर्ट को देखते हुए संबंधित जिला प्रशासन को सतर्क रहने और सभी आवश्यक एहतियाती उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। 


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

Ramanjot

Related News