उत्तराखंड के युवक का कमाल, बना दी हवा में उड़ने वाली कार; एक झलक देख आप भी कहेंगे वाह

punjabkesari.in Friday, Aug 07, 2026 - 04:51 PM (IST)

अल्मोड़ा: उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के एक प्रतिभावान युवा इनोवेटर ने पर्सनल मोबिलिटी के क्षेत्र में बड़ी सफलता हासिल की है। युवक ने पूरी तरह से बिजली से चलने वाले इलेक्ट्रिक फ्लाइंग व्हीकल (EFV) के प्रोटोटाइप का सफल परीक्षण कर इतिहास रच दिया है। यह आविष्कार पारंपरिक ट्रांसपोर्ट का एक बेहतरीन विकल्प है। 

जागेश्वर धाम के पास स्थित कफलीखान गांव के रहने वाले रवि टम्टा ने अपने स्टार्टअप, 'हापिडा स्काई प्राइवेट लिमिटेड' के तहत पर्सनल फ्लाइंग व्हीकल 'HAPIDA SKYNeX' विकसित किया है। वर्षों के गहन शोध और विकास (R&D) के बाद इस प्रोटोटाइप की सफल उड़ान ने देश में उड़ने वाली गाड़ियों के सपने को हकीकत के बेहद करीब ला दिया है।
 



पर्यावरण के अनुकूल विकल्प
पारंपरिक फ्लाइंग मशीनें एविएशन फ्यूल पर निर्भर होती हैं या कुछ प्रायोगिक वाहन इथेनॉल-आधारित प्रोपल्शन का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन HAPIDA SKYNeX को पूरी तरह से इलेक्ट्रिक फ्लाइंग व्हीकल के तौर पर डिजाइन किया गया है। यह पर्यावरण के अनुकूल विकल्प है और इससे जीरो टेलपाइप एमिशन (कोई प्रदूषणकारी गैस नहीं) होता है। इनोवेटर के अनुसार, इस प्रोजेक्ट का मकसद भारत में सुरक्षित, किफायती और टिकाऊ पर्सनल एयर ट्रांसपोर्टेशन को सुलभ बनाना है। सफल प्रदर्शन एडवांस्ड मोबिलिटी टेक्नोलॉजी विकसित करने में भारतीय स्टार्टअप्स की बढ़ती क्षमताओं को दर्शाता है। इस उपलब्धि ने उत्तराखंड के उभरते इनोवेशन इकोसिस्टम की ओर भी सबका ध्यान खींचा है। 

पर्यटन को भी मिलेगा बढ़ावा 
यह तकनीक उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों में आवाजाही के दुर्गम रास्तों का विकल्प बनने के साथ-साथ पर्यटन को भी बढ़ावा दे सकती है। प्रोटोटाइप की सफल उड़ान रवि टम्टा और उनकी टीम की वर्षों की समर्पित रिसर्च का नतीजा है। हालांकि यह वाहन अभी प्रोटोटाइप चरण में है और कमर्शियल इस्तेमाल के लिए इसे और परीक्षणों और रेगुलेटरी मंजूरी की जरूरत होगी, लेकिन यह प्रदर्शन एडवांस्ड एयर मोबिलिटी के क्षेत्र में भारत की बढ़ती महत्वाकांक्षाओं का संकेत देता है।

 


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Ramanjot

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